Author: Today Junoon

2025 के अक्टूबर महीने में शेयर बाजार में बड़े पैमाने पर IPO (Initial Public Offering) की भारी लहर आने की उम्मीद है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस महीने करीब $5 बिलियन (लगभग 40,000 करोड़ रुपये) के IPO मार्केट में आने की संभावना है, जो पिछले वर्षों की तुलना में एक बड़ा इवेंट होगा। आईपीओ पाईपलाइन क्यों है खास? मजबूत आर्थिक माहौलदेश की अर्थव्यवस्था में सुधार और बढ़ती निवेश धारणा के कारण कंपनियां पूंजी जुटाने के लिए बाजार में आ रही हैं। तकनीकी और वित्तीय कंपनियों की भागीदारीखासकर तकनीकी स्टार्टअप्स, वित्तीय सेवा कंपनियां और उपभोक्ता आधारित फर्में इस बार सार्वजनिक हो रही…

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भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता पुनः शुरू हो गई हैं, जो दोनों देशों के आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह वार्ता वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देने और कई विवादों को सुलझाने की कोशिश है। वार्ता के मुख्य एजेंडे क्या हैं? टैरिफ (आयात शुल्क) और व्यापार बाधाओं को कम करनादोनों देश अपने-अपने बाजारों में व्यापार के लिए सरल नियम चाहते हैं ताकि वस्तुओं और सेवाओं का निर्बाध प्रवाह सुनिश्चित हो सके। इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी एक्सचेंजटेक्नोलॉजी ट्रांसफर, विनिर्माण, और नवाचार के…

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जलवायु परिवर्तन से जूझती दुनिया में नवीकरणीय ऊर्जा की मांग दिन-ब-दिन बढ़ रही है। इसी दिशा में भारत ने एक मजबूत पहचान बनाई है — “पवन ऊर्जा तकनीक और उपकरणों के वैश्विक निर्यात केंद्र” के रूप में। ताज़ा रिपोर्टों के अनुसार, भारत 2030 तक पवन ऊर्जा निर्यात हब बना रहेगा, जिससे देश को आर्थिक, रणनीतिक और पर्यावरणीय स्तर पर लाभ मिलेगा। भारत की ताकत कहां है? मजबूत मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टमभारत में तमिलनाडु, गुजरात, महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे राज्यों में कई बड़े पवन टरबाइन निर्माता सक्रिय हैं। GE, Suzlon, Siemens Gamesa, Vestas जैसी कंपनियाँ यहीं से अपने उत्पाद दुनियाभर में निर्यात करती…

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हाल के हफ्तों में चांदी (Silver) की कीमतों में तेज़ी से बढ़ोतरी देखने को मिली है, जिससे Silver ETFs (Exchange Traded Funds) में भी निवेशकों की दिलचस्पी काफी बढ़ गई है। यह उछाल न सिर्फ घरेलू बाजार में बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बन गया है। चांदी की कीमतों में कितनी बढ़ोतरी? अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी की कीमतें 30 डॉलर प्रति औंस के करीब पहुंच गई हैं, जो पिछले कई वर्षों का उच्चतम स्तर है। भारत में चांदी के दाम हाल ही में ₹80,000 प्रति किलो से ऊपर चले गए, जो एक रिकॉर्ड स्तर है। सिल्वर ETF…

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भारत में उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स और हेल्थटेक क्षेत्र की प्रमुख कंपनी फिलिप्स इंडिया (Philips India) ने अब अपने उत्पाद पोर्टफोलियो का विस्तार करते हुए बाजार में नई रेंज लॉन्च की है। यह कदम उपभोक्ताओं की बदलती ज़रूरतों और तकनीकी प्राथमिकताओं को ध्यान में रखकर उठाया गया है। क्या-क्या शामिल हैं नए उत्पादों में? नई रेंज में फिलिप्स ने कई उन्नत और स्मार्ट फीचर्स वाले प्रोडक्ट्स को शामिल किया है, जैसे: पर्सनल हेल्थकेयर डिवाइसेज़ स्मार्ट इलेक्ट्रिक टूथब्रश होम यूज़ ECG मॉनिटर BP मशीन और डिजिटल थर्मामीटर की नई सीरीज़ ब्यूटी और ग्रूमिंग सेगमेंट पुरुषों के लिए एडवांस्ड ट्रिमर और शेवर महिलाओं के…

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दुनिया की तेज़ी से बदलती भू-राजनीतिक परिस्थितियों और तकनीकी विकास के दौर में दुर्लभ खनिज तत्व (Rare Earth Elements) की माँग और महत्व लगातार बढ़ रहा है। इन्हीं आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने दुर्लभ खनिजों का रणनीतिक भंडारण (Strategic Stockpiling) शुरू करने का फैसला किया है। क्या होते हैं दुर्लभ खनिज (Rare Earth Elements)? दुर्लभ खनिज वे 17 रासायनिक तत्व होते हैं जो आधुनिक तकनीक में बेहद आवश्यक हैं, जैसे: मोबाइल फोन, लैपटॉप, टीवी इलेक्ट्रिक वाहन (EVs) सोलर पैनल और पवन टरबाइन रक्षा उपकरण और मिसाइल गाइडेंस सिस्टम सेमीकंडक्टर और बैटरी तकनीक इनका उपयोग बढ़ने के…

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आज के समय में जब वायु, जल और ध्वनि प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुँच चुके हैं, ऐसे में प्रदूषण नियंत्रण एजेंसियों की भूमिका पहले से कहीं ज़्यादा अहम हो जाती है। लेकिन देश के कई हिस्सों में स्थिति यह है कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों और संबंधित संस्थाओं में कर्मचारियों की भारी कमी है, जो इन प्रयासों को कमजोर कर रही है। कहाँ हो रही है कमी? देश के अनेक राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों में पर्याप्त संख्या में वैज्ञानिक, निरीक्षक (inspectors), तकनीकी विशेषज्ञ और फील्ड स्टाफ नहीं हैं। नतीजा ये होता है कि: नियमित निगरानी नहीं हो पाती। नमूनों की जांच…

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हर दिन भारत की सड़कों पर सैकड़ों हादसे होते हैं, जिनमें कई लोग अपनी जान गंवा देते हैं या गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं। इन हादसों के बाद पीड़ितों के इलाज और मुआवज़े को लेकर अक्सर एक बड़ी समस्या सामने आती है — कैश की कमी और इलाज में देरी। सरकार ने इस गंभीर स्थिति को समझते हुए एक बड़ी पहल की है: “No Cash, No Delay” — एक एकीकृत सड़क दुर्घटना सहायता योजना, जिसका उद्देश्य है सड़क दुर्घटना के शिकार लोगों को बिना किसी आर्थिक बाधा के तुरंत इलाज उपलब्ध कराना। योजना की प्रमुख बातें: कैशलेस इलाज…

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दिल्ली सरकार ने राजधानी में पारंपरिक कारीगरी और हस्तशिल्प को पुनर्जीवित करने तथा स्थानीय कारीगरों (Local Artisans) को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए एक नई नीति लाने की घोषणा की है। इस नीति के अंतर्गत कारीगरों को न केवल प्रदर्शन और विपणन (marketing) के लिए मंच मिलेगा, बल्कि उन्हें आर्थिक, तकनीकी और ब्रांडिंग से जुड़ी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। नीति के प्रमुख बिंदु: स्थायी हाट और शिल्प मेले:सरकार राजधानी के विभिन्न हिस्सों में स्थायी हाट (bazaar) और शिल्प मेलों का आयोजन करेगी, जहां कारीगर अपने उत्पाद सीधे जनता को बेच सकेंगे। ई-मार्केटप्लेस और डिजिटल प्रशिक्षण:कारीगरों को ऑनलाइन…

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दिल्ली सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए घोषणा की है कि वह स्वयं सहायता समूहों (Self-Help Groups – SHGs) द्वारा बनाए गए उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा देने के लिए राजधानी में सहकारी स्टोर (Cooperative Stores) खोलेगी। इस पहल का उद्देश्य न केवल SHG सदस्यों की आय बढ़ाना है, बल्कि स्थानीय स्तर पर महिला सशक्तिकरण को भी प्रोत्साहित करना है। क्या है योजना? राज्य सरकार के सामाजिक कल्याण और महिला एवं बाल विकास विभाग की निगरानी में इन स्टोर्स की स्थापना की जाएगी। इन सहकारी स्टोर्स में खासतौर पर महिलाओं द्वारा बनाए गए उत्पाद जैसे: हस्तशिल्प घरेलू खाद्य सामग्री…

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