दिल्ली सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए घोषणा की है कि वह स्वयं सहायता समूहों (Self-Help Groups – SHGs) द्वारा बनाए गए उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा देने के लिए राजधानी में सहकारी स्टोर (Cooperative Stores) खोलेगी। इस पहल का उद्देश्य न केवल SHG सदस्यों की आय बढ़ाना है, बल्कि स्थानीय स्तर पर महिला सशक्तिकरण को भी प्रोत्साहित करना है।
क्या है योजना?
राज्य सरकार के सामाजिक कल्याण और महिला एवं बाल विकास विभाग की निगरानी में इन स्टोर्स की स्थापना की जाएगी। इन सहकारी स्टोर्स में खासतौर पर महिलाओं द्वारा बनाए गए उत्पाद जैसे:
हस्तशिल्प
घरेलू खाद्य सामग्री
हस्तनिर्मित कपड़े
सजावटी वस्तुएँ
पर्यावरण-अनुकूल उत्पाद
को उचित मूल्य पर बिक्री के लिए रखा जाएगा।
मुख्यमंत्री का बयान
मुख्यमंत्री ने कहा:
“SHG महिलाओं में आत्मनिर्भरता और उद्यमिता की भावना को बढ़ावा देती हैं। यह स्टोर न केवल उनके उत्पादों को बाज़ार तक पहुंचाएंगे, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत भी करेंगे।”
रोजगार और स्थानीय उत्पादन को मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजना “लोकल फॉर वोकल” अभियान को भी मजबूती देगी और स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहन मिलेगा।
यह न केवल शहरी उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण स्थानीय सामान उपलब्ध कराएगा, बल्कि ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी खोलेगा।
भविष्य की योजना
सरकार की योजना है कि शुरुआत में प्रत्येक ज़िले में कम से कम एक सहकारी स्टोर स्थापित किया जाए और धीरे-धीरे इन्हें प्रमुख बाज़ारों और मेट्रो स्टेशनों के पास खोला जाए ताकि इनकी पहुंच अधिकतम उपभोक्ताओं तक हो।
