एचएसबीसी ने चेतावनी दी है कि कच्चे तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल से ऊपर रहने पर भारत में महंगाई 6% की सीमा पार कर सकती है। आरबीआई पर ब्याज दरें बढ़ाने का दबाव है, जिससे होम और कार लोन की EMI बढ़ सकती है।

मौजूदा हालात को देखते हुए अब सबकी नजरें आरबीआई (RBI) पर हैं, क्योंकि महंगाई थामने के लिए वह ब्याज दरों में बढ़ोतरी का कड़ा फैसला ले सकता है।
RBI को सरकार ने दी क्या जिम्मेदारी?
सरकार ने आरबीआई को जिम्मेदारी दी है कि वह महंगाई को 4% (2% ऊपर-नीचे) के दायरे में रखे। लेकिन कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने गणित बिगाड़ दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि हम एक ऐसे मोड़ पर खड़े हैं जहां से राह आसान नहीं है।
