दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश का असर सब्जियों और फलों की आपूर्ति पर पड़ने लगा है। मौसम की स्थिति को देखते हुए प्रशासन, कृषि विपणन विभाग और मंडी समितियां प्रमुख थोक बाजारों में आपूर्ति और कीमतों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल आवश्यक खाद्य वस्तुओं की उपलब्धता सामान्य बनी हुई है, लेकिन यदि बारिश का सिलसिला लंबे समय तक जारी रहता है तो कुछ उत्पादों की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
राजधानी की प्रमुख फल एवं सब्जी मंडियों में रोजाना आने वाले माल की मात्रा की समीक्षा की जा रही है। भारी बारिश के कारण कुछ इलाकों में खेतों से फसल की समय पर कटाई और परिवहन प्रभावित हुआ है। इसके अलावा कई स्थानों पर जलभराव और सड़कों पर यातायात की धीमी गति के कारण ट्रकों को मंडियों तक पहुंचने में अधिक समय लग रहा है। हालांकि प्रशासन का कहना है कि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बनाए रखने के लिए परिवहन व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
मंडी व्यापारियों के अनुसार, टमाटर, हरी सब्जियां, पत्तेदार सब्जियां और कुछ मौसमी फलों की आवक पर मौसम का सबसे अधिक असर पड़ता है। यदि लगातार बारिश जारी रहती है, तो इन उत्पादों की कीमतों में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है। वहीं आलू, प्याज और अन्य भंडारण योग्य फसलों की उपलब्धता फिलहाल संतोषजनक बनी हुई है।
उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए संबंधित विभाग नियमित रूप से खुदरा और थोक बाजारों की कीमतों की निगरानी कर रहे हैं। यदि किसी वस्तु की कीमत में असामान्य वृद्धि होती है या जमाखोरी की शिकायत मिलती है, तो आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने व्यापारियों से भी अपील की है कि वे उचित मूल्य पर वस्तुओं की बिक्री सुनिश्चित करें और कृत्रिम कमी पैदा करने से बचें।
विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून के दौरान मौसम की स्थिति का कृषि और खाद्य आपूर्ति श्रृंखला पर सीधा प्रभाव पड़ता है। ऐसे में प्रशासन की लगातार निगरानी और समय पर समीक्षा से बाजार में संतुलन बनाए रखने तथा आम उपभोक्ताओं को आवश्यक फल और सब्जियां उचित कीमत पर उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
