पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कर बीसीसीआई मामलों से जुड़े रहने पर रोक लगाने वाले 2017 के आदेश में बदलाव की मांग की है। मुख्य न्यायाधीश की पीठ ने उनकी याचिका पर दो सप्ताह बाद सुनवाई करने पर सहमति जताई।

मुख्य न्यायाधीश (सीजेआइ) सूर्य कांत और न्यायमूर्ति जायमाल्या बागची की पीठ ने अनुराग की याचिका पर दो सप्ताह बाद सुनवाई करने पर सहमति जताई। अनुराग की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता पीएस पटवालिया ने पीठ को बताया कि दो जनवरी 2017 को सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि अनुराग ठाकुर तत्काल प्रभाव से बीसीसीआई के कामकाज से खुद को अलग रखें और उनके विरुद्ध अवमानना तथा झूठी गवाही (परजरी) की कार्यवाही भी शुरू की गई थी।
