देश के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाओं के बीच केंद्र सरकार ने प्रभावित राज्यों को हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया है। केंद्र ने स्पष्ट किया है कि राहत, बचाव और पुनर्वास कार्यों में किसी भी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी तथा राज्यों के साथ लगातार समन्वय बनाकर स्थिति पर नजर रखी जा रही है। सरकार ने कहा है कि नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त संसाधन भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
केंद्र सरकार के अनुसार, संबंधित मंत्रालयों, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और अन्य एजेंसियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य तेज करने, आवश्यक सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा स्थानीय प्रशासन को हरसंभव सहयोग देने के लिए लगातार समीक्षा की जा रही है। जरूरत के अनुसार एनडीआरएफ की अतिरिक्त टीमें भी तैनात की जा सकती हैं।
भारी वर्षा और बाढ़ से प्रभावित राज्यों में कई स्थानों पर सड़क संपर्क बाधित हुआ है, नदियों का जलस्तर बढ़ा है और कुछ इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। केंद्र सरकार ने राज्यों से नियमित रूप से स्थिति की जानकारी साझा करने और किसी भी अतिरिक्त आवश्यकता से तुरंत अवगत कराने को कहा है, ताकि समय रहते आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
सरकार ने राहत शिविरों में भोजन, पेयजल, दवाइयों, चिकित्सा सुविधाओं और आवश्यक सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया है। साथ ही बिजली, संचार और परिवहन जैसी बुनियादी सेवाओं को जल्द से जल्द सामान्य करने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। प्रभावित किसानों और अन्य जरूरतमंद लोगों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के विकल्पों पर भी विचार किया जा रहा है।
केंद्र सरकार ने नागरिकों से मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने, अफवाहों से बचने और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन से तुरंत संपर्क करने की अपील की है। सरकार का कहना है कि केंद्र और राज्य मिलकर राहत एवं पुनर्वास कार्यों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाएंगे ताकि प्रभावित लोगों को जल्द से जल्द सामान्य जीवन में लौटने में सहायता मिल सके।
