चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने बिजली कनेक्शन काटने के एक मामले में महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा है कि बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं प्रत्येक नागरिक के गरिमापूर्ण जीवन का अभिन्न हिस्सा हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि बिना कारण बताओ नोटिस जारी किए और संबंधित पक्ष को सुनवाई का अवसर दिए किसी भी व्यक्ति की बिजली आपूर्ति बंद करना प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है।
जस्टिस विकास बहल ने यह टिप्पणी लुधियाना जिले के जगराओं स्थित एक व्यावसायिक परिसर के 15 बिजली कनेक्शनों की आपूर्ति बहाल करने का आदेश देते हुए की। अदालत ने संबंधित अधिकारियों को तीन दिन के भीतर सभी कनेक्शन दोबारा चालू करने के निर्देश दिए।

