काठमांडू। नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने रविवार को स्पष्ट किया कि उनकी सरकार ने भारत के साथ सीमा विवाद को सुलझाने के लिए ब्रिटेन से मध्यस्थता की मांग नहीं की थी। उनके इस संबंध में एक बयान पर पिछले महीने विवाद खड़ा हो गया था।
बालेंद्र शाह ने चितवन जिले में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) की पहली आमसभा को संबोधित करते हुए कहा, “हमने कहा था कि अगर ब्रिटिश शासन (भारत में) के समय के सुबूतों की जरूरत पड़ी, तो हम उन्हें पेश करेंगे। हमने उनकी मध्यस्थता की मांग नहीं की थी।

