अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच चल रहे संयुक्त सैन्य अभ्यास को लेकर उत्तर कोरिया ने एक बार फिर कड़ी नाराजगी जताई है। उत्तर कोरिया ने इन सैन्य गतिविधियों को क्षेत्र में तनाव बढ़ाने वाला कदम बताते हुए अमेरिका और दक्षिण कोरिया की आलोचना की है। प्योंगयांग का कहना है कि इस तरह के अभ्यास उसकी सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करते हैं और उसे अपनी रक्षा क्षमता मजबूत करने के लिए मजबूर करते हैं।
अमेरिका और दक्षिण कोरिया का वार्षिक ‘उल्ची फ्रीडम शील्ड’ सैन्य अभ्यास 17 अगस्त से शुरू हुआ। इस अभ्यास में उत्तर कोरिया की बदलती सैन्य क्षमताओं को ध्यान में रखते हुए ड्रोन हमलों, जीपीएस बाधित होने और साइबर हमलों जैसी परिस्थितियों से निपटने की तैयारी भी शामिल की गई है। दोनों देशों का कहना है कि यह अभ्यास मुख्य रूप से रक्षात्मक तैयारी और आपात स्थिति में बेहतर समन्वय के लिए किया जाता है।
उत्तर कोरिया लंबे समय से अमेरिका और दक्षिण कोरिया के संयुक्त सैन्य अभ्यासों का विरोध करता रहा है। प्योंगयांग इन अभ्यासों को संभावित सैन्य कार्रवाई की तैयारी के रूप में देखता है। हाल के दिनों में उत्तर कोरिया ने अमेरिका और दक्षिण कोरिया के सैन्य सहयोग को लेकर अपनी परमाणु प्रतिरोधक क्षमता को और मजबूत करने की चेतावनी भी दी है।
सैन्य अभ्यास शुरू होने से पहले उत्तर कोरिया ने एक बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण भी किया था। दक्षिण कोरियाई और जापानी अधिकारियों के अनुसार मिसाइल ने लगभग 700 किलोमीटर की दूरी तय की थी। इस घटना के बाद कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव को लेकर चिंता और बढ़ गई थी।
हालांकि, मौजूदा स्थिति में एक महत्वपूर्ण बदलाव भी सामने आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश के बाद अमेरिका और दक्षिण कोरिया ने सैन्य अभ्यास के आकार और अवधि को कम करने पर सहमति जताई है। अभ्यास को पहले की योजना के मुकाबले छोटा किया गया है। इसके बावजूद उत्तर कोरिया ने इसे लेकर अपनी आलोचना जारी रखी है और कहा है कि वह अपनी सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाता रहेगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में उत्तर कोरिया की प्रतिक्रिया पर पूरी दुनिया की नजर रहेगी। यदि प्योंगयांग फिर से मिसाइल परीक्षण या अन्य सैन्य गतिविधियां बढ़ाता है, तो क्षेत्रीय तनाव बढ़ सकता है। दूसरी ओर, सैन्य अभ्यास में कटौती को अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच भविष्य में बातचीत की संभावित कोशिशों से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
