इंडोनेशिया के पूर्वी नुसा तेंगारा प्रांत में शनिवार को आए शक्तिशाली 7.7 तीव्रता के भूकंप ने भारी तबाही मचा दी है। भूकंप के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। बचाव दलों ने मलबे से छह और शव बरामद किए, जिसके बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 53 हो गई। कम से कम 135 लोगों के घायल होने की भी सूचना है।
भूकंप का केंद्र फ्लोरेस द्वीप के पास बताया गया है और इसकी गहराई लगभग 10 किलोमीटर थी। तेज झटकों के कारण कई इलाकों में मकान और अन्य इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं। अधिकारियों के अनुसार पूर्वी नुसा तेंगारा में 900 से अधिक मकान पूरी तरह नष्ट हुए हैं, जबकि लगभग 450 मकानों को नुकसान पहुंचा है। इस आपदा के कारण करीब 5,000 लोगों को अपना घर छोड़कर अस्थायी शिविरों में शरण लेनी पड़ी है।
भूकंप के बाद लगातार झटके महसूस किए जा रहे हैं। लगभग 1,000 से अधिक बाद के झटके दर्ज किए जा चुके हैं, जिससे स्थानीय लोगों में डर का माहौल बना हुआ है। कई परिवार अपने घरों में वापस जाने से डर रहे हैं और खुले स्थानों या अस्थायी शिविरों में रात गुजार रहे हैं।
भूस्खलन के कारण कई सड़कें बंद हो गईं, जिससे राहत दलों को प्रभावित गांवों तक पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कुछ इलाकों में संचार व्यवस्था और बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। प्रशासन की ओर से भोजन, पीने का पानी, दवाइयां और तंबू उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। राहत एवं बचाव कार्य में हजारों सुरक्षाकर्मियों और आपदा प्रबंधन कर्मचारियों को लगाया गया है।
इंडोनेशिया प्रशांत महासागर के सक्रिय भूकंपीय क्षेत्र में स्थित है, जिसे ‘रिंग ऑफ फायर’ के नाम से जाना जाता है। इसी वजह से देश में भूकंप और ज्वालामुखी गतिविधियों का खतरा लगातार बना रहता है।
फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों की तलाश, घायलों को चिकित्सा सहायता पहुंचाना और विस्थापित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना है। राहत अभियान के बीच लगातार आ रहे झटके बचाव कार्य को और चुनौतीपूर्ण बना रहे हैं।
