एनआईए की जांच में सामने आया है कि लाल किला धमाके से पहले सफेदपोश आतंकियों ने फरीदाबाद में ट्रायल किया था। इस खुलासे से सुरक्षा में बड़ी चूक का पता चलता है। एनआईए इसे एक गंभीर मामला मान रही है और आगे की जांच कर रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

इस जोन में करीब 100 स्टोन क्रशर हैं। आतंकियों ने इस जगह का चयन इसलिए किया था ताकि विस्फोट की आवाज क्रशर जोन में होने वाले तीव्र शोर में दब जाए। हाल में सीन री-क्रिएशन के दौरान दिल्ली पुलिस और एनआइए की टीम डा. मुजम्मिल और डा. शाहीन को लेकर क्रशर जोन पहुंची थी।
