दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने लग्जरी कारों की चोरी से जुड़े एक कथित संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह दिल्ली और आसपास के इलाकों से महंगी गाड़ियां चोरी करने के बाद उन्हें कई राज्यों के रास्ते पूर्वोत्तर भारत तक पहुंचाता था। इसके बाद चोरी की कुछ गाड़ियों को म्यांमार सीमा के आसपास के इलाकों में भेजे जाने की बात सामने आई है। पुलिस के अनुसार, इन वाहनों को आगे बेचने के लिए एक संगठित नेटवर्क काम कर रहा था।
जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह के सदस्य चोरी की गाड़ियों की पहचान छिपाने के लिए फर्जी दस्तावेजों और अन्य तरीकों का इस्तेमाल करते थे। पुलिस को आशंका है कि गिरोह में वाहन चोरी करने वाले लोगों के अलावा परिवहन और फर्जी कागजात तैयार करने वाले लोग भी शामिल थे। इस पूरे नेटवर्क की भूमिका का पता लगाने के लिए पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
अपराध शाखा की कार्रवाई के दौरान पुलिस ने कई चोरी की लग्जरी कारें बरामद की हैं। अधिकारियों के अनुसार, बरामद वाहनों की जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उन्हें दिल्ली के किन इलाकों से चोरी किया गया था और गिरोह ने उन्हें किन रास्तों से पूर्वोत्तर तक पहुंचाया।
पुलिस अब इस नेटवर्क के उन लोगों की तलाश कर रही है जो चोरी की गाड़ियों को खरीदने, बेचने या दूसरे राज्यों तक पहुंचाने में मदद करते थे। जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि क्या चोरी की गाड़ियों का इस्तेमाल किसी आपराधिक या अवैध गतिविधि में किया जाता था।
इस कार्रवाई के बाद दिल्ली पुलिस ने वाहन चोरी के मामलों में तकनीकी निगरानी और अंतरराज्यीय नेटवर्क पर नजर बढ़ाने के संकेत दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
