जालंधर: पंजाब के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी परिसर में हुई हिंसा, तोड़फोड़ और आगजनी के मामले में पुलिस ने अब तक नौ लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में सात एलपीयू के विद्यार्थी हैं, जबकि दो अन्य लोग विश्वविद्यालय के विद्यार्थी नहीं हैं। पुलिस ने हिंसा से जुड़े मामलों में 20 लोगों को प्राथमिकी में आरोपी बनाया है और 40 से अधिक संदिग्धों की पहचान किए जाने की जानकारी दी है।
पुलिस के अनुसार, परिसर में हुई हिंसा के दौरान कथित तौर पर तोड़फोड़, आगजनी, लूटपाट और पुलिसकर्मियों पर हमले की घटनाएं सामने आई थीं। इस मामले में सतनामपुरा थाने में अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। जांच के दौरान पुलिस सीसीटीवी फुटेज, सामाजिक माध्यमों पर उपलब्ध सामग्री और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की मदद से संदिग्धों की पहचान कर रही है।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए सात विद्यार्थी पंजाब से बाहर के रहने वाले हैं। इनमें हिमाचल प्रदेश का एक नाबालिग भी शामिल है। पुलिस के अनुसार, इस नाबालिग की तस्वीर विश्वविद्यालय के प्रवेश द्वार के पास रखे मिग-23 विमान के ऊपर चढ़े हुए सामने आई थी। मामले में गिरफ्तार किए गए दो अन्य लोग स्थानीय निवासी बताए गए हैं।
घटना की शुरुआत एक छात्रा से जुड़े कथित यौन उत्पीड़न और आत्महत्या के बारे में सामाजिक माध्यमों पर प्रसारित दावों के बाद हुए विरोध प्रदर्शन से हुई थी। इन दावों की जांच के लिए अलग से विशेष जांच दल बनाया गया है। पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा है कि मामले से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है और अपुष्ट सूचनाओं के आधार पर निष्कर्ष निकालने से बचना चाहिए।
फिलहाल पुलिस अन्य संदिग्धों की तलाश कर रही है। जांच एजेंसियां हिंसा में प्रत्येक आरोपी की कथित भूमिका, डिजिटल साक्ष्यों और घटनाक्रम के पूरे क्रम की जांच कर रही हैं। जांच पूरी होने के बाद ही मामले की विस्तृत स्थिति स्पष्ट होगी।
