नई दिल्ली: दिल्ली विकास प्राधिकरण के अधीन आने वाले 736 पार्कों का व्यापक सुरक्षा ऑडिट पूरा होने के बाद राजधानी के पार्कों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की योजना बनाई गई है। ऑडिट में 190 पार्कों को उच्च जोखिम, 258 को मध्यम जोखिम और 288 पार्कों को कम जोखिम वाली श्रेणी में रखा गया है। उच्च जोखिम वाले पार्कों में रात के समय प्रवेश, अतिक्रमण, अपराध की आशंका, घने वन क्षेत्र और नशीली गतिविधियों जैसी समस्याओं को सुरक्षा से जुड़े प्रमुख कारणों के रूप में चिन्हित किया गया है।
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 245 प्रमुख पार्कों में रात की गश्त शुरू की गई है। सभी उच्च जोखिम वाले पार्कों में मोटरसाइकिल से गश्त की व्यवस्था भी शुरू की गई है, ताकि किसी घटना की स्थिति में सुरक्षाकर्मी तेजी से मौके पर पहुंच सकें। इसके अलावा 134 पार्कों में सशस्त्र सुरक्षाकर्मियों की आवश्यकता चिन्हित की गई है।
ऑडिट में निगरानी व्यवस्था से जुड़ी बड़ी कमी भी सामने आई है। 736 डीडीए पार्कों में से केवल 16 पार्कों में सीसीटीवी कैमरे काम कर रहे हैं। इसके अलावा 323 पार्कों में नए सीसीटीवी कैमरे लगाने की जरूरत बताई गई है। प्रकाश व्यवस्था के मामले में भी 520 पार्कों में अतिरिक्त रोशनी की आवश्यकता सामने आई है। इनमें से 231 पार्कों में काम को तत्काल आधार पर लिया गया है, जबकि 106 पार्कों में प्रकाश व्यवस्था का काम पूरा हो चुका है।
पार्कों के प्रवेश और सीमाओं की सुरक्षा पर भी ध्यान दिया जा रहा है। 163 पार्कों में ऐसे प्रवेश द्वार चिन्हित किए गए हैं जिन्हें सुरक्षित और बंद करने योग्य बनाने की जरूरत है। वहीं 399 पार्कों में टूटी या गायब जालियों से जुड़ी समस्याएं सामने आईं, जिनमें से 233 पार्कों में सुधार का काम पूरा किए जाने की जानकारी दी गई है।
डीडीए ने सुरक्षा कर्मियों की उपस्थिति पर निगरानी के लिए 602 पार्कों में जैविक उपस्थिति व्यवस्था भी सक्रिय की है। इसके साथ ही गश्त, सुरक्षाकर्मियों की जिम्मेदारी, घटना की सूचना और पुलिस के साथ समन्वय को लेकर मानक संचालन प्रक्रिया तैयार की जा रही है।
