भारत ने दावोस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा गाजा में स्थायी शांति हेतु लॉन्च किए गए ‘बोर्ड ऑफ पीस’ समारोह से दूरी बनाए रखी। पीएम मोदी को आमंत्रित किया गया था, लेकिन भारत ने संवेदनशील प्रस्ताव का अध्ययन करने और पाकिस्तान की उपस्थिति जैसे कारणों से इसमें शामिल न होने का फैसला किया। फ्रांस, ब्रिटेन और चीन जैसे अन्य प्रमुख सहयोगियों ने भी भाग नहीं लिया। भारत फिलिस्तीन मुद्दे पर ‘दो-राज्य समाधान’ का समर्थक है।

राष्ट्रपति ट्रंप ने इसमें शामिल होने के लिए भारत के पीएम नरेन्द्र मोदी को भी आमंत्रित किया था। जानकारों के मुताबिक भारत ने लंबे विमर्श के बाद फिलहाल इसमें शामिल नहीं होने का फैसला किया है।
भारत ने ट्रंप के गाजा ‘बोर्ड ऑफ पीस’ से दूरी बनाई
विदेश मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि यह काफी संवेदनशील प्रस्ताव है और अभी वह ट्रंप के प्रस्ताव का अध्ययन कर रहा है।
वैसे भारत के अलावा भी अमेरिका के अन्य कई प्रमुख साझेदार देशों जैसे फ्रांस, ब्रिटेन आदि ने हिस्सा नहीं लिया। चीन को भी आमंत्रित किया गया था लेकिन वह भी शामिल नहीं हुआ।
‘बोर्ड ऑफ पीस’ का मुख्य उद्देश्य गाजा पट्टी में स्थायी शांति स्थापित करने और अन्य वैश्विक संघर्षों को सुलझाने के उद्देश्य से शुरू की गई है। सूत्रों ने बताया कि इस समारोह में भारत सरकार का कोई प्रतिनिधि मौजूद नहीं था।
