नई दिल्ली। अमेरिका में काम करने वाले हजारों भारतीय H-1B वीजा धारकों के लिए एक आम यात्रा अब बड़ी मुसीबत बन गई है। जो लोग शादी, छुट्टी, पारिवारिक जरूरत या वीजा स्टैम्पिंग के लिए भारत आए थे, वे अब महीनों तक यहीं फंसने को मजबूर हैं। वजह है ट्रंप प्रशासन का एक नया नियम, जिसने बिना चेतावनी सब कुछ बदल दिया।

H-1B वीजा धारक आमतौर पर भारत आकर अमेरिकी दूतावास में वीजा स्टैम्पिंग कराकर वापस लौटते हैं। कई लोगों का वर्क परमिट (H-1B स्टेटस) वैध था, लेकिन पासपोर्ट में लगा एंट्री वीजा खत्म हो चुका था। यह प्रक्रिया आम तौर पर कुछ दिनों की होती थी।
लेकिन इस बार हालात अलग हैं। 3 दिसंबर को अमेरिकी विदेश विभाग ने नया नियम जारी किया, जो 15 दिसंबर से लागू होगा। इसके तहत सभी H-1B और H-4 वीजा आवेदकों की सोशल मीडिया जांच अनिवार्य कर दी गई है।
वीज इंटरव्यू में भारी देरी
इस नए नियम के चलते भारत के बड़े अमेरिकी वाणिज्य दूतावासों खासकर हैदराबाद और चेन्नईमें वीजा इंटरव्यू की रफ्तार बहुत धीमी हो गई है। दिसंबर 2025 के लिए तय कई अपॉइंटमेंट रद कर दिए गए हैं। अब इन अपॉइंटमेंट्स को मार्च 2026 से लेकर जून 2026 तक खिसकाया जा रहा है। अमेरिकी दूतावास ने साफ कहा है कि पुराने अपॉइंटमेंट की तारीख पर पहुंचने से वीजा नहीं मिलेगा।
