नई दिल्ली। भारत का सैन्य इतिहास कई महान जनरलों से भरा हुआ है, जिन्होंने देश की सुरक्षा को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई। इन नेताओं ने युद्ध, रणनीति और नेतृत्व के जरिए सेना को नई दिशा दी।
के.एम. करियप्पा आजादी के बाद भारत के पहले कमांडर-इन-चीफ बने। उन्होंने एक अनुशासित और राजनीतिक प्रभाव से दूर सेना की नींव रखी। 1947-48 के युद्ध में उन्होंने भारतीय सेना का नेतृत्व किया और ब्रिटिश से भारतीय नेतृत्व में बदलाव को सफल बनाया। बिपिन रावत भारत के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ थे। उन्होंने तीनों सेनाओं के बीच तालमेल बढ़ाने और संयुक्त ऑपरेशन को मजबूत करने पर काम किया।

