शास्त्रों के अनुसार, प्रदोषकाल में कलश स्थापना करना शुभ नहीं माना जाता। जानें इसके पीछे के धार्मिक कारण, सूर्यास्त के बाद ऊर्जा का प्रभाव और घटस्थापना के लिए सही मुहूर्त का महत्व।
शास्त्रों में दिन के मुहूर्त का महत्व
हिंदू धर्म और वैदिक ज्योतिष के अनुसार, कोई भी मंगल कार्य या नई शुरुआत ‘अभिजीत मुहूर्त’ या सुबह के समय करना श्रेष्ठ होता है। प्रदोषकाल को मुख्य रूप से भगवान शिव की आराधना और दीपदान के लिए जाना जाता है, लेकिन कलश स्थापना जैसे ‘आवाहन’ के कार्यों के लिए इसे उपयुक्त नहीं माना गया।

