मोहन भागवत ने सद्भावना व एकता पर जोर देते हुए कहा कि समय बड़ा कठिन है। हम बंटे हुए हैं, इसलिए चारों तरफ आक्रमण हो रहे हैं। रूस और यूक्रेन के बीच जंग अभी खत्म भी नहीं हुआ था। इसी बीच अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जंग शुरू हो चुकी है।

उन्होंने कहा कि हम अपने एकत्व को नहीं पहचानते, इसलिए दुनियाभर में कलह थमती नहीं है और युद्ध चलते रहते हैं। उन्होंने कहा कि लोग मन की करूणा भूल गए हैं और इस सत्य को भूल गए कि हम दिखते अलग-अलग हैं लेकिन हम सब एक हैं। जब हम विविधता को अलगाव की ²ष्टि से देखने लगते हैं, तब मतभेद पैदा होते हैं, इसलिए विविधता को स्वीकार करते हुए भी अपनी एकता को नहीं भूलना चाहिए।
