भारत में शादियां अब बड़े इवेंट बन चुकी हैं, जिनका औसत खर्च ₹39.5 लाख तक पहुंच गया है। बढ़ते वित्तीय जोखिमों के बीच वेडिंग इंश्योरेंस एक नया विकल्प बनकर उभरा है। यह शादी रद्द होने, संपत्ति के नुकसान और अन्य आपात स्थितियों को कवर कर सकता है। हालांकि, पॉलिसी की शर्तों को समझना महत्वपूर्ण है, क्योंकि लापरवाही या कुछ खास परिस्थितियों में क्लेम खारिज हो सकता है। यह महंगी शादियों के लिए एक समझदारी भरा कदम हो सकता है।

शादी का औसत खर्च 40 लाख के करीब
वेडमीगुड (WedMeGood) की 5वीं एनुअल वेडिंग रिपोर्ट 2025 के मुताबिक, भारत में एक शादी का औसत खर्च अब करीब 39.5 लाख रुपये हो गया है। डेस्टिनेशन वेडिंग का खर्च इससे भी ज्यादा, लगभग 58 लाख रुपये तक पहुंच चुका है। शहरों की बात करें तो जयपुर में शादी का औसत बजट 73 लाख रुपये, दिल्ली में 38 लाख, बेंगलुरु और हैदराबाद में करीब 37 लाख और मुंबई में लगभग 35 लाख रुपये है। साल 2025 में शादी पर होने वाला खर्च 8 फीसदी सालाना की दर से बढ़ा है।
