एनडीएमसी लुटियंस दिल्ली में स्मार्ट सिंचाई प्रणाली लागू करने जा रहा है, जिसमें ड्रिप इरीगेशन का उपयोग सड़कों और पार्कों में होगा। इस परियोजना पर 32 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जबकि शोधित पानी के लिए एसटीपी पर 200 करोड़ रुपये लगेंगे। यह प्रणाली 70% पानी बचाएगी, वायु प्रदूषण कम करेगी और ट्रैफिक जाम से राहत देगी। मार्च 2026 तक कार्यादेश जारी होने की उम्मीद है।

ड्रिप इरीगेशन सिस्टम को सड़कों के किनारे पेड़ों और क्यारियों में लगे पौधों की सिंचाई के लिए भी उपयोग किया जाएगा।
एनडीएमसी इसके लिए 32 करोड़ रुपये खर्च करेगा जबकि इस प्रणाली के लिए जरुरी शोधित पानी की उपयोगिता के लिए 13 विकेंद्रीकृत सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) और आठ पीपीपी मॉडल पर एसटीपी होंगे। इस पर भी करीब 200 करोड़ रुपये खर्च होंगे। स्मार्ट सिंचाई प्रणाली को लागू करने के लिए एनडीएमसी ने निविदाएं आमंत्रित कर ली है। जिससे मार्च 2026 तक कार्यादेश जारी होने की संभावना है।
एनडीएमसी के उपाध्यक्ष कुलजीत चहल ने बताया कि स्मार्ट सिंचाई प्रणाली लागू होने से वायु प्रदूषण में भी कमी आएगी। साथ ही अभी सिंचाई करने के लिए जो वाहनों का उपयोग होता उससे जो जाम लगता था वह भी नहीं होगा। वहीं, ईंधन की भी बचत होगी।
