प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एंटीबायोटिक के दुरुपयोग के खिलाफ चेतावनी दी है, जिसे स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने देश में तेजी से बढ़ रहे एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (एएमआर) के गंभीर संकट की ओर ध्यान खींचने वाला बताया है। ‘मन की बात’ में पीएम की अपील ने इस ‘खामोश महामारी’ को राष्ट्रीय विमर्श में ला दिया है।
प्रधानमंत्री ने भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) की एक हालिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि भारत में निमोनिया और मूत्र संक्रमण जैसी बीमारियों में एंटीबायोटिक की प्रभावशीलता घट रही है। उन्होंने लोगों से अपील की कि बिना जरूरत और डाक्टर की सलाह के बगैर एंटीबायोटिक का सेवन न करें।

