इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पेयजल से मौतों का सिलसिला जारी है, जहां अब तक 22 लोगों की जान जा चुकी है। हाल ही में 59 वर्षीय कमला बाई का एमवाय अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया। उन्हें उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद भर्ती कराया गया था। इस क्षेत्र में 3300 से अधिक लोग बीमार हुए हैं। अस्पताल प्रबंधन ने कमला बाई की मौत का कारण किडनी रोग बताया है, लेकिन स्पष्टता के लिए पोस्टमार्टम किया गया है।

बता दें कि दूषित पेयजल से यहां 3300 से अधिक लोग बीमार हुए हैं। इनमें से कई लोग अभी भी अस्पतालों में भर्ती हैं। मकान मालिक मनोज कुमार के अनुसार, कमला बाई करीब एक माह पहले ही पति तुलसीराम के साथ उनके यहां किराये से कमरा लिया था। दोनों पति-पत्नी मजदूरी कर जीवन यापन कर रहे थे। छह जनवरी को उल्टी-दस्त की शिकायत हुई। स्वजन ने उन्हें संजीवनी क्लीनिक में दिखाया। प्राथमिक उपचार व दवाइयां देकर वहां से घर भेज दिया गया।
