नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शहरी सहकारी बैंकों (यूसीबी) के निदेशकों के कार्यकाल से संबंधित नियमों में संशोधन करते हुए कहा है कि कोई भी व्यक्ति निदेशक मंडल में लगातार 10 साल से अधिक समय तक निदेशक नहीं रह सकता है। केंद्रीय बैंक ने सोमवार को जारी संशोधित दिशा-निर्देशों में कहा कि 10 साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद किसी निदेशक की दोबारा नियुक्ति तीन साल के अनिवार्य ‘कूलिंग-ऑफ’ अवधि के बाद ही हो सकेगी।
आरबीआई ने कहा कि ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां शहरी सहकारी बैंकों के निदेशक कानूनी प्रावधानों को दरकिनार कर निदेशक मंडल में बने रहने के लिए बीच में इस्तीफा देकर जल्द ही फिर से निर्वाचित या सह-नामित हो जाते थे। इससे वे निर्धारित अवधि से अधिक समय तक पद पर बने रहते थे। नए नियमों के तहत, अनिवार्य अंतराल (कूलिंग-ऑफ) की अवधि में संबंधित व्यक्ति बैंक से किसी भी रूप में नहीं जुड़ा रहेगा, वह सिर्फ सदस्य या ग्राहक के रूप में जुड़ सकता है।

