नए साल के पहले दिन इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर घने कोहरे के बावजूद स्थिति में सुधार देखा गया। 31 दिसंबर की तुलना में रद्द उड़ानों की संख्या कम रही। हालांकि, सुबह 300 से अधिक उड़ानें 15 मिनट से साढ़े तीन घंटे तक विलंबित हुईं, और वाराणसी सहित चार उड़ानें रद्द की गईं। कैट-III तकनीक ने कम दृश्यता में सुरक्षित लैंडिंग सुनिश्चित कर उड़ानों को रद्द होने से बचाया।

कोहरे के दौरान कम दृश्यता के चलते तड़के सुबह के समय करीब 300 से अधिक उड़ानें अपने निर्धारित समय से देर से उड़ान भरी। वैसे बृहस्पतिवार को 4 शेड्यूल्ड (पहले से निर्धारित) उड़ानें रद करनी पड़ीं, इसमें कोई भी ऑपरेशन रद (तकनीकी खराबी के कारण) नहीं हुई है। रद उड़ानों में मुख्य रूप से वाराणसी, धर्मशाला, जोधपुर और बीकानेर की उड़ाने थी। विलंबित उड़ानों का समय 15 मिनट से लेकर अधिकतम साढे तीन घंटों तक का रहा।
