सावन के अंतिम सोमवार के अवसर पर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के प्रमुख शिव मंदिरों में सुबह तड़के से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। गौरी शंकर मंदिर (चांदनी चौक), प्राचीन झंडेवाला शिव मंदिर, कालकाजी मंदिर परिसर के शिवालय, छतरपुर मंदिर और राजधानी के अन्य प्रसिद्ध शिव मंदिरों में भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए हजारों श्रद्धालु कतारों में खड़े दिखाई दिए। सुबह चार बजे से ही मंदिरों के कपाट खुलते ही भक्तों का आगमन शुरू हो गया, जो पूरे दिन जारी रहा।
श्रद्धालुओं ने गंगाजल, दूध, बेलपत्र, धतूरा, भांग, फल और पुष्प अर्पित कर भगवान भोलेनाथ की विशेष पूजा-अर्चना की। मंदिरों में “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। कई मंदिरों में रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय जाप, शिव चालीसा पाठ और भजन-कीर्तन का आयोजन भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
भारी भीड़ को देखते हुए दिल्ली पुलिस और प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की थी। मंदिर परिसरों के बाहर अतिरिक्त पुलिस बल, महिला पुलिसकर्मी और स्वयंसेवकों की तैनाती की गई। प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग मार्ग बनाए गए तथा सीसीटीवी कैमरों और नियंत्रण कक्ष के माध्यम से लगातार निगरानी रखी गई। यातायात प्रभावित न हो, इसके लिए कई प्रमुख मार्गों पर विशेष ट्रैफिक व्यवस्था लागू की गई और लोगों से सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग करने की अपील की गई।
कई सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं ने श्रद्धालुओं के लिए शीतल पेयजल, चिकित्सा सहायता, प्रसाद और भंडारे की व्यवस्था भी की। स्वयंसेवकों ने कतारों में लगे लोगों को आवश्यक सहायता प्रदान की और वरिष्ठ नागरिकों तथा दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराईं।
धार्मिक विद्वानों के अनुसार सावन का अंतिम सोमवार भगवान शिव की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धापूर्वक जलाभिषेक और पूजा करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं तथा जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इसी आस्था के कारण हर वर्ष की तरह इस बार भी दिल्ली के शिवालयों में भक्तों का उत्साह और श्रद्धा चरम पर देखने को मिली।
