नई दिल्ली। देशभर में आज गणेश चतुर्थी का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। 14 सितंबर को भगवान गणेश की प्रतिमाओं की स्थापना के साथ कई शहरों में धार्मिक कार्यक्रमों की शुरुआत हो गई है। मंदिरों और सार्वजनिक पंडालों में सुबह से ही पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ पहुंच रही है।
गणेश चतुर्थी को भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। इस अवसर पर घरों और सार्वजनिक स्थानों पर गणपति की प्रतिमा स्थापित कर विधि-विधान से पूजा की जाती है। श्रद्धालु भगवान गणेश को मोदक और अन्य प्रसाद अर्पित करते हैं तथा सुख, समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना करते हैं।
महाराष्ट्र में गणेश उत्सव का विशेष महत्व है। मुंबई, पुणे और आसपास के क्षेत्रों में बड़े सार्वजनिक पंडाल सजाए गए हैं। प्रसिद्ध गणपति पंडालों में दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को देखते हुए स्थानीय प्रशासन तथा पुलिस ने भी विशेष तैयारियां की हैं।
देश के अन्य राज्यों में भी गणेश चतुर्थी को लेकर उत्साह देखने को मिल रहा है। दिल्ली, गुजरात, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश समेत कई राज्यों में घरों और सार्वजनिक स्थानों पर गणपति प्रतिमाएं स्थापित की जा रही हैं। कई स्थानों पर भजन, कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जा रहा है।
पर्व को देखते हुए बाजारों में भी रौनक बढ़ गई है। गणेश प्रतिमाओं, फूलों, सजावटी सामान और पूजा सामग्री की मांग बढ़ी है। पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए कई स्थानों पर मिट्टी और प्राकृतिक सामग्री से बनी प्रतिमाओं को प्राथमिकता दी जा रही है।
गणेश चतुर्थी के अवसर पर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से पूजा स्थलों पर व्यवस्था बनाए रखने, यातायात नियमों का पालन करने और सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता का ध्यान रखने की अपील की है। देशभर में अगले कई दिनों तक गणपति उत्सव की धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियां जारी रहेंगी।
