NEET-UG 2026 परीक्षा से जुड़े अभ्यर्थियों को निशाना बनाकर की जा रही एक बड़े साइबर ठगी रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। जांच एजेंसियों और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में ऐसे गिरोह का खुलासा हुआ है, जो परीक्षा शुल्क रिफंड के नाम पर छात्रों और उनके अभिभावकों से धोखाधड़ी कर रहा था। इस कार्रवाई को साइबर अपराध के खिलाफ एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, ठग खुद को राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) या अन्य सरकारी संस्थानों का प्रतिनिधि बताकर अभ्यर्थियों से संपर्क करते थे। वे छात्रों को फोन कॉल, ईमेल और मैसेज के माध्यम से यह विश्वास दिलाते थे कि NEET-UG परीक्षा शुल्क का रिफंड जारी किया जा रहा है। इसके बाद छात्रों को एक लिंक भेजा जाता था, जिस पर क्लिक कर बैंक खाते और अन्य व्यक्तिगत जानकारी दर्ज करने के लिए कहा जाता था।
जैसे ही अभ्यर्थी अपनी बैंकिंग जानकारी साझा करते थे, ठग उनके खातों से पैसे निकाल लेते थे या डिजिटल माध्यमों से वित्तीय धोखाधड़ी को अंजाम देते थे। कई छात्रों और अभिभावकों ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके बैंक खातों से बिना अनुमति के रकम कट गई है। शिकायतों के आधार पर साइबर क्राइम इकाइयों ने जांच शुरू की।
जांच के दौरान तकनीकी विश्लेषण और डिजिटल ट्रैकिंग के माध्यम से पुलिस ने गिरोह के सदस्यों की पहचान की। कार्रवाई के दौरान एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया गया, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस ने कई मोबाइल फोन, सिम कार्ड, बैंक खाते और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी जब्त किए हैं, जिनका उपयोग कथित तौर पर ठगी में किया जा रहा था।
अधिकारियों ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान कॉल, ईमेल या लिंक पर भरोसा न करें और बैंकिंग संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा न करें। NTA ने भी स्पष्ट किया है कि परीक्षा या रिफंड से जुड़ी सभी आधिकारिक सूचनाएं केवल उसके अधिकृत माध्यमों से जारी की जाती हैं।
यह घटना एक बार फिर साइबर सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता को रेखांकित करती है, विशेषकर उन छात्रों के लिए जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं।
