राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने युवाओं को सशक्त बनने का आह्वान किया, क्योंकि विश्व शक्ति की सुनता है। उन्होंने 1947 में भारत से अलग हुए हिस्सों को फिर से संगठित करने की मानसिकता तैयार करने पर जोर दिया। भोपाल में युवा संवाद में भागवत ने कहा कि भारत विश्व को नया रास्ता दिखाएगा और समाज के सामूहिक प्रयास से ही देश बड़ा बनता है। उन्होंने संघ के व्यक्ति निर्माण और हिंदुत्व के मूल स्वभाव पर भी प्रकाश डाला।

इसलिए भारतीय युवाओं को सशक्त बनना चाहिए। इसके लिए शरीर, मन और बुद्धि की सबलता आवश्यक है। उन्होंने कहा कि अभी बहुत काम करना बाकी है।
युवाओं को सशक्त बनने का आह्वान: भागवत
1947 में जो हिस्से भारत से अलग हुए थे, उन्हें मिलाने के लिए अभी से मानसिकता तैयार करनी होगी। प्रतिनिधि सभा में यह विषय भी रखेंगे कि जो भारत का हिस्सा थे, उन्हें भी संगठित किया जाए।
