साल 2026 में मकर संक्रांति की तिथि को लेकर बनी दुविधा अब समाप्त हो गई है। यह पर्व 14 जनवरी को मनाया जाएगा, जब सूर्य देव धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करेंगे। इस दिन पुण्य काल दोपहर 03 बजकर 13 मिनट से शुरू होगा। श्रद्धालु गंगा स्नान, पूजा, जप-तप और दान-पुण्य कर पितरों का तर्पण करेंगे, जिससे सूर्य देव की विशेष कृपा प्राप्त होगी।

पितरों को मोक्ष दिलाने हेतु बहती जलधारा में तिलांजलि भी की जाती है। साथ ही पितरों का तर्पण किया जाता है। साल 2026 में मकर संक्रांति की तिथि को लेकर लोग दुविधा में हैं। आइए, मकर संक्रांति की तिथि और शुभ मुहूर्त एवं पूजा विधि जानते हैं-
ज्योतिषाचार्या ने नितिशा मल्होत्रा ने बनारस के पंचांग का हवाला देते हुए कहा कि 14 जनवरी को सूर्य रात 9 बजकर 49 मिनट पर मकर राशि में प्रवेश करने वाले . चूंकि जब सूर्य का राशि परिवर्तन रात्रिकाल में होता है तो उस वक्त मकर संक्रांति का पर्व नहीं मनाया जा सकता है. यह सूर्य से जुड़ा पर्व है और इसमें सूर्योदय के आधार पर ही पर्व मनाना उचित होगा. 14 जनवरी को सूर्य गोचर के बाद अगले दिन सुबह सूर्योदय होगा. ऐसे में मकर संक्रांति का पर्व 15 जनवरी को मनाना ही उचित होगा.
