नई दिल्ली। सनातन धर्म में पुराणों को सिर्फ धार्मिक ग्रंथ ही नहीं, बल्कि दैनिक जीवन का मार्गदर्शन करने वाला ग्रंथ भी कहा गया है। भविष्य पुराण के श्लोकों में बताया गया है कि, जो भी व्यक्ति श्रद्धा भाव के साथ पुराण सुनता है, उसका जीवन शुद्ध होने के साथ उसे अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है।
भविष्य पुराण के मुताबिक, जब कोई व्यक्ति पुराण कथा सुनने जाए तो उसे अपने मन को शांत रखने के साथ पवित्र रखना चाहिए। कथा के दौरान गुस्सा, अहंकार, निंदा, आलस्य और व्यर्थ की चीजों से दूर रहना चाहिए। जो भी लोग कथा सुनने के दौरान इधर-उधर की बात करके अपने साथ अन्य लोगों का भी ध्यान भटकाने का काम करते हैं, उन्हें पुण्य फलों की प्राप्ति नहीं होती है।

