गृह मंत्री अमित शाह ने बताया कि गणतंत्र दिवस परेड में उनके मंत्रालय की झांकी ने तीन नए आपराधिक कानूनों को प्रदर्शित किया। ये कानून औपनिवेशिक काल के अवशेषों को मिटाकर भारत को न्याय-प्रधान व्यवस्था की ओर ले जाते हैं। झांकी ने ई-साक्ष्य और ई-समन जैसी नई प्रणालियों को दर्शाते हुए नागरिकों के लिए त्वरित, सटीक और जन-केंद्रित न्याय व्यवस्था के महत्व पर जोर दिया।

यह भारत को सजा पर जोर देने वाली व्यवस्था से न्याय-प्रधान कानूनी व्यवस्था की ओर ले जाने का भी संकेत है।
एक्स पर एक पोस्ट में शाह ने कहा कि झांकी ने ई-साक्ष्य, ई-समन, न्याय श्रुति जैसी नई प्रणालियों को बखूबी प्रदर्शित किया। इसके जरिये नागरिकों को नए भारत में त्वरित, सटीक और जन-केंद्रित न्याय व्यवस्था के महत्व के प्रति जागरूक किया गया।
