लगातार हो रही बारिश और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाओं के चलते जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-44) लगातार तीसरे दिन भी बंद रहा। राजमार्ग के कई हिस्सों में मलबा और चट्टानें गिरने से यातायात पूरी तरह बाधित हो गया, जिससे अमरनाथ यात्रा सहित अन्य महत्वपूर्ण यात्राओं और आवश्यक आपूर्ति पर भी असर पड़ा। प्रशासन और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की टीमें सड़क को जल्द से जल्द बहाल करने के लिए लगातार राहत एवं सफाई कार्य में जुटी हुई हैं।
अधिकारियों के अनुसार रामबन, बनिहाल और अन्य संवेदनशील इलाकों में भारी वर्षा के कारण पहाड़ियों से मलबा गिरा, जिससे सड़क कई स्थानों पर अवरुद्ध हो गई। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने वाहनों की आवाजाही पर अस्थायी रोक लगा दी है। मौसम में सुधार होने और मार्ग पूरी तरह सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद ही यातायात बहाल किया जाएगा।
राजमार्ग बंद होने का सबसे अधिक प्रभाव अमरनाथ यात्रा पर पड़ा है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर श्रद्धालुओं के नए जत्थों की आवाजाही को अस्थायी रूप से रोक दिया है। विभिन्न आधार शिविरों पर मौजूद यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर ठहराया गया है और उन्हें भोजन, चिकित्सा तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। अधिकारियों ने श्रद्धालुओं से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।
राष्ट्रीय राजमार्ग बंद रहने से कश्मीर घाटी में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति और माल परिवहन भी प्रभावित हुआ है। हालांकि प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि आवश्यक खाद्य सामग्री, दवाइयों और ईंधन की उपलब्धता बनाए रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में बारिश जारी रहने की संभावना जताई है। इसके मद्देनज़र लोगों को पहाड़ी क्षेत्रों की अनावश्यक यात्रा से बचने, मौसम की ताज़ा जानकारी पर नजर रखने और प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। सड़क खुलने के बाद ही वाहनों की आवाजाही चरणबद्ध तरीके से शुरू की जाएगी।
