गुजरात के कई जिलों में लगातार हो रही भारी बारिश और बाढ़ जैसी स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने राज्य में चल रहे राहत एवं बचाव कार्यों की उच्च स्तरीय समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों में तेजी लाने, लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता के आधार पर बहाल करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, राजस्व विभाग, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर हालात की विस्तृत जानकारी ली। समीक्षा के दौरान बाढ़ प्रभावित जिलों में राहत शिविरों की व्यवस्था, सुरक्षित स्थानों पर लोगों को पहुंचाने, खाद्य सामग्री, स्वच्छ पेयजल, दवाइयों और अन्य आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता पर विशेष जोर दिया गया।
भूपेंद्र पटेल ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन क्षेत्रों में जलभराव या बाढ़ की स्थिति बनी हुई है, वहां राहत एवं बचाव दल चौबीसों घंटे सक्रिय रहें। उन्होंने राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ), पुलिस और स्थानीय प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर भी बल दिया, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता पहुंचाई जा सके।
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को राहत शिविरों में चिकित्सा दल तैनात करने और जलजनित तथा मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। इसके साथ ही बिजली, पेयजल और सड़क जैसी आवश्यक सेवाओं को जल्द से जल्द सामान्य करने के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया।
राज्य सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे मौसम विभाग और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, अनावश्यक यात्रा से बचें और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन की हेल्पलाइन या स्थानीय अधिकारियों से तुरंत संपर्क करें।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि राज्य सरकार प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और प्रत्येक प्रभावित परिवार तक समय पर सहायता पहुंचाई जाए, ताकि लोगों को जल्द से जल्द सामान्य जीवन में लौटने में मदद मिल सके।
