केंद्र सरकार ने देश में संचालित ई-रिक्शा की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ऐसे सात मोबाइल ऐप को हटाने के निर्देश जारी किए हैं, जिनका कथित तौर पर ई-रिक्शा को दूर से नियंत्रित करने या अचानक बंद करने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। अधिकारियों के अनुसार, इन ऐप्स के माध्यम से कुछ ई-रिक्शा के कंट्रोल सिस्टम तक अनधिकृत पहुंच बनाई जा रही थी, जिससे वाहन की सुरक्षा और यात्रियों की जान को खतरा पैदा हो सकता था। सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित एजेंसियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
सूत्रों के अनुसार, इन ऐप्स का उपयोग कुछ ई-रिक्शा में लगे कंट्रोल मॉड्यूल से जुड़ने के लिए किया जा रहा था। आशंका जताई गई कि यदि कोई व्यक्ति वाहन चलते समय उसे दूर से बंद कर दे, तो दुर्घटना की संभावना बढ़ सकती है। इसी खतरे को देखते हुए इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) और अन्य संबंधित विभागों ने तकनीकी जांच के बाद इन ऐप्स को विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म से हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
सरकार ने ई-रिक्शा निर्माताओं और तकनीकी कंपनियों को भी निर्देश दिए हैं कि वे अपने वाहनों में उपयोग किए जाने वाले सॉफ्टवेयर और कंट्रोल सिस्टम की सुरक्षा को और मजबूत बनाएं। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी वाहन तक केवल अधिकृत उपयोगकर्ता या अधिकृत सेवा प्रदाता ही पहुंच सकें। भविष्य में ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए साइबर सुरक्षा मानकों को और सख्त करने पर भी विचार किया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि स्मार्ट और इंटरनेट आधारित वाहनों की संख्या बढ़ने के साथ साइबर सुरक्षा का महत्व भी तेजी से बढ़ रहा है। यदि किसी वाहन के डिजिटल सिस्टम तक अनधिकृत पहुंच मिल जाती है, तो इससे न केवल चालक बल्कि यात्रियों और सड़क पर चल रहे अन्य लोगों की सुरक्षा भी प्रभावित हो सकती है।
सरकार ने आम लोगों और ई-रिक्शा चालकों से केवल अधिकृत मोबाइल ऐप और सॉफ्टवेयर का ही उपयोग करने की अपील की है। साथ ही किसी भी संदिग्ध तकनीकी गतिविधि या अनधिकृत ऐप की जानकारी तुरंत संबंधित अधिकारियों को देने को कहा गया है। इस कदम का उद्देश्य डिजिटल परिवहन व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, भरोसेमंद और तकनीकी रूप से मजबूत बनाना है।
