नई दिल्ली। विद्युत अपीलीय न्यायाधिकरण (एपीटीईएल) द्वारा पिछले माह दिए गए फैसले के बाद दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग (डीईआरसी) ने बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) के खातों की जांच कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) द्वारा सूचीबद्ध चार्टर्ड अकाउंटेंसी (सीए) फर्म द्वारा उनके खातों की जांच होगी। इनकी नियुक्ति के लिए डीईआरसी ने निविदा जारी की है।

पिछले वर्ष 6 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने बिजली वितरण कंपनियों (डिस्काम) के बकाया नियामक परिसंपत्ति के भुगतान का आदेश दिया था। बिजली नेटवर्क पर होने वाले खर्च को डिस्कॉम नियामक परिसंपत्ति के रूप में दावा करती हैं। कोर्ट के आदेश के अनुसार भुगतान 1 अप्रैल, 2024 से चार वर्षों के अंदर किया जाना था।
