सुप्रीम कोर्ट ने 35 साल पुराने दंगा मामले में एक पुलिस अधिकारी के खिलाफ चल रही कार्यवाही पर रोक लगा दी है। अदालत ने यह फैसला इसलिए लिया क्योंकि इतने लंबे समय में एक भी गवाह मौखिक सबूत दर्ज कराने के लिए पेश नहीं हुआ।
सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस विजय बिश्नोई की बेंच ने उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी करते हुए पूछा है कि आखिर क्यों इस पुराने मामले को खारिज नहीं किया जाना चाहिए। बेंच ने कहा कि राज्य सरकार को सुनवाई का पूरा अवसर दिए बिना कोई अंतिम आदेश नहीं दिया जाएगा।

