नई दिल्ली। यूरोप के कई देशों में बम धमकियों की लगातार मिल रही सूचनाओं से सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है। छह नवंबर को कई यात्री विमानों और समाचार प्रसारण संस्थानों को धमकी भरे संदेश मिले। इसके बाद हवाई अड्डों और मीडिया संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। अधिकारियों के अनुसार, अभी तक किसी भी स्थान से विस्फोटक बरामद नहीं हुआ है और इन घटनाओं में किसी के घायल होने की सूचना भी नहीं है।
जानकारी के मुताबिक, आयरलैंड के राष्ट्रीय प्रसारक आरटीई के डबलिन स्थित मुख्यालय को बम की धमकी मिलने के बाद कर्मचारियों और समाचार प्रस्तुतकर्ताओं को इमारत से बाहर निकालना पड़ा। पुलिस ने खोजी कुत्तों की मदद से परिसर की जांच की। जांच पूरी होने और इमारत सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद कर्मचारियों को वापस आने की अनुमति दी गई। इस दौरान कुछ समय के लिए प्रसारण भी प्रभावित हुआ।
ब्रिटेन के समाचार संस्थान स्काई और बुल्गारिया के निजी समाचार चैनल नोवा टीवी को भी सुरक्षा संबंधी धमकियां मिलीं। दोनों संस्थानों ने संबंधित अधिकारियों को सूचना देकर सुरक्षा उपाय किए।
दूसरी ओर, यूरोप में यात्री विमानों को भी लगातार निशाना बनाया जा रहा है। यूरोपीय अधिकारियों के अनुसार, शुक्रवार को 11 विमानों को बम की धमकियां मिलीं, जबकि गुरुवार को 14 और मंगलवार को सात विमानों को ऐसी सूचनाएं मिली थीं। कुछ विमानों को दूसरे हवाई अड्डों की ओर मोड़ना पड़ा। हंगरी के लड़ाकू विमानों ने तीन यात्री विमानों को सुरक्षा प्रदान की।
इन घटनाओं के पीछे कौन है, इसका अभी तक पता नहीं चल पाया है। सुरक्षा एजेंसियां ईमेल और अन्य संदेशों की जांच कर रही हैं। हालांकि, कुछ विशेषज्ञ इसे यूरोप में अस्थिरता पैदा करने की कोशिश मान रहे हैं, लेकिन किसी देश या संगठन की संलिप्तता की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
यूरोपीय संघ के अधिकारियों ने विमानन सुरक्षा विशेषज्ञों की बैठक बुलाने की तैयारी की है। इसका उद्देश्य भविष्य में ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए बेहतर सुरक्षा व्यवस्था तैयार करना है।
