नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने पश्चिमी दिल्ली के जनकपुरी इलाके में चल रहे एक फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है। यहां बीमा पॉलिसीधारकों को आकर्षक योजनाओं और अतिरिक्त लाभ का लालच देकर कथित रूप से ठगी की जा रही थी। पुलिस ने छापेमारी के दौरान कुल 43 लोगों को पकड़ा, जिनमें 32 महिलाएं शामिल हैं। इनमें से पांच मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि अन्य 38 लोगों के खिलाफ अलग कानूनी प्रक्रिया अपनाई गई है।
पुलिस के अनुसार, यह कॉल सेंटर बीमा कंपनियों के प्रतिनिधि बनकर लोगों को फोन करता था। आरोपी ग्राहकों को उनकी मौजूदा बीमा पॉलिसी अपग्रेड कराने, कम प्रीमियम पर अधिक सुविधाएं देने और एजेंट का कमीशन माफ करने जैसे आकर्षक प्रस्ताव देते थे। ग्राहक जब इन प्रस्तावों में रुचि दिखाते थे, तो उन्हें भुगतान और केवाईसी की प्रक्रिया में शामिल कर लिया जाता था।
जांच में सामने आया है कि आरोपियों के पास चार निजी बीमा कंपनियों के ग्राहकों से जुड़ा डेटाबेस मौजूद था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि ग्राहकों की निजी जानकारी आरोपियों तक कैसे पहुंची।
गिरफ्तार आरोपियों में कॉल सेंटर का मालिक विशाल कपूर, प्रशासनिक प्रमुख नितिन शर्मा, मानव संसाधन प्रबंधक गुंजन और प्रबंधक भीम तथा अजय शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, ठगी से प्राप्त रकम को म्यूल बैंक खातों में मंगाया जाता था। इसके बाद इस्तेमाल किए गए सिम कार्ड नष्ट कर दिए जाते थे, ताकि आरोपियों तक पहुंचना मुश्किल हो।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने दो लाख रुपये नकद, 48 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, 38 सिम कार्ड और 22 डेबिट, क्रेडिट तथा भुगतान कार्ड बरामद किए। इसके अलावा ग्राहकों की जानकारी वाले 619 पन्ने और 67 रजिस्टर भी मिले।
पुलिस ने जनकपुरी थाने में धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश से संबंधित मामला दर्ज किया है। अब बरामद दस्तावेजों और मोबाइल फोन की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस गिरोह ने कितने लोगों को अपना शिकार बनाया और ठगी की कुल रकम कितनी है।
