नई दिल्ली। भारतीय मूल की नित्या रमन ने अमेरिकी राजनीति में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने अमेरिका के प्रमुख शहर लॉस एंजिलिस के महापौर पद का चुनाव जीत लिया है। नित्या रमन ने मौजूदा महापौर करेन बैस को हराकर यह सफलता हासिल की। उनकी जीत को भारतीय मूल के लोगों के लिए गर्व की उपलब्धि माना जा रहा है। इस जीत के साथ वह अमेरिका के दूसरे सबसे बड़े शहर की पहली दक्षिण एशियाई मूल की महापौर बनने जा रही हैं।
करेन बैस को हराकर हासिल की जीत
3 नवंबर 2026 को हुए चुनाव में नित्या रमन को लगभग 52 प्रतिशत वोट मिले, जबकि उनकी प्रतिद्वंद्वी करेन बैस को करीब 48 प्रतिशत मत प्राप्त हुए। चुनाव परिणाम सामने आने के बाद करेन बैस ने गुरुवार को अपनी हार स्वीकार कर ली और नित्या रमन को फोन करके जीत की बधाई दी। उन्होंने सत्ता के हस्तांतरण की प्रक्रिया को सुचारु बनाने का भरोसा भी दिया।
नित्या रमन की जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि दो दशक से अधिक समय बाद लॉस एंजिलिस में किसी चुनौती देने वाले उम्मीदवार ने मौजूदा महापौर को चुनाव में हराया है।
भारत में जन्मीं, अमेरिका में बनाई पहचान
45 वर्षीय नित्या रमन का जन्म भारत में हुआ था। वह पेशे से शहरी नियोजन विशेषज्ञ हैं और वर्ष 2020 में पहली बार लॉस एंजिलिस नगर परिषद के लिए चुनी गई थीं। उन्होंने शहर में बेघर लोगों की समस्या, आवास और बुनियादी सुविधाओं जैसे मुद्दों पर लगातार काम किया है।
अपने चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने लोगों को किफायती आवास उपलब्ध कराने, सार्वजनिक परिवहन सुधारने, पार्कों का विकास करने और शहर की बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने का वादा किया था।
2028 ओलंपिक से पहले संभालेंगी बड़ी जिम्मेदारी
लॉस एंजिलिस वर्ष 2028 में ओलंपिक खेलों की मेजबानी करने वाला है। ऐसे में नित्या रमन के सामने शहर की यातायात व्यवस्था, सुरक्षा, आवास और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।
उनकी जीत ने अमेरिकी राजनीति में भारतीय मूल के लोगों की बढ़ती भागीदारी को भी नई पहचान दी है।
