नई दिल्ली। धनतेरस के अवसर पर शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को देशभर के बाजारों में खरीदारी का उत्साह देखने को मिला। सुबह से ही आभूषणों की दुकानों, सराफा बाजारों और बर्तनों की दुकानों पर ग्राहकों की आवाजाही शुरू हो गई। हिंदू मान्यता के अनुसार धनतेरस पर सोना, चांदी, बर्तन और अन्य उपयोगी वस्तुएं खरीदना शुभ माना जाता है। इसी परंपरा के चलते लोगों ने अपनी आर्थिक क्षमता के अनुसार खरीदारी की। इस बार सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव भी ग्राहकों के बीच चर्चा का विषय बना रहा।
सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव
धनतेरस से पहले सोने और चांदी के बाजार में लगातार हलचल देखने को मिली। 5 नवंबर को दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत कर सहित लगभग 1,48,800 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई थी, जबकि चांदी की कीमत लगभग 1,94,500 रुपये प्रति किलोग्राम रही। वहीं, 6 नवंबर की सुबह अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में कुछ नरमी देखी गई।
हल्के आभूषण और चांदी के सिक्कों की मांग
बढ़ती कीमतों के बीच इस बार ग्राहकों का रुझान हल्के वजन वाले सोने के आभूषणों, चांदी के सिक्कों और छोटी खरीदारी की ओर भी रहा। कई परिवारों ने अपनी परंपरा निभाने के लिए सीमित बजट में सोने-चांदी की वस्तुएं खरीदीं। आभूषण कारोबारियों को उम्मीद थी कि धनतेरस पर बिक्री के मूल्य में पिछले वर्ष की तुलना में 20 से 30 प्रतिशत तक वृद्धि हो सकती है। हालांकि, सोने की बिक्री की मात्रा पिछले वर्ष के आसपास रहने का अनुमान जताया गया था।
कारोबारियों को दीपावली और शादी के मौसम से उम्मीद
धनतेरस के साथ दीपावली और आगामी विवाह समारोहों को देखते हुए कारोबारियों को बाजार में अच्छी मांग की उम्मीद है। दुकानदारों ने ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए विशेष डिजाइन और विभिन्न बजट के आभूषण उपलब्ध कराए।
विशेषज्ञों के अनुसार, सोने की खरीदारी करते समय उसकी शुद्धता, हॉलमार्क और अंतिम बिल में शामिल शुल्क की जांच करना जरूरी है। कुल मिलाकर धनतेरस ने देश के सराफा और खुदरा बाजारों में उत्साह का माहौल बनाया।
