नई दिल्ली। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर सुरक्षा और आव्रजन व्यवस्था में कथित बड़ी चूक का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, तीन इतालवी नागरिक बिना आवश्यक आव्रजन जांच पूरी किए दिल्ली से उड़ान भरकर म्यूनिख पहुंच गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने संबंधित अधिकारियों की बैठक बुलाकर घटना की समीक्षा करने का निर्णय लिया है।
रिपोर्टों के मुताबिक, तीनों यात्री दिल्ली से जर्मनी के म्यूनिख जाने वाली उड़ान में सवार हो गए। सामान्य प्रक्रिया के तहत अंतरराष्ट्रीय यात्रा करने वाले यात्रियों को सुरक्षा जांच के बाद आव्रजन जांच से गुजरना होता है। आव्रजन अधिकारी यात्रा दस्तावेजों और पासपोर्ट की जांच करते हैं तथा इसके बाद ही यात्री को देश से बाहर जाने की अनुमति मिलती है। ऐसे में बिना आव्रजन प्रक्रिया पूरी किए यात्रियों का विमान तक पहुंच जाना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
घटना की जानकारी सामने आने के बाद संबंधित एजेंसियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों द्वारा यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि यात्रियों ने किस प्रक्रिया के तहत आव्रजन जांच को पार किया और इस दौरान किस स्तर पर चूक हुई। हवाईअड्डे पर लगे सुरक्षा उपकरणों और निगरानी व्यवस्था की भी जांच की जा सकती है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय की प्रस्तावित बैठक में घटना के सभी पहलुओं की समीक्षा किए जाने की संभावना है। इसमें हवाईअड्डे पर सुरक्षा, आव्रजन और संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय तथा यात्रियों की निगरानी से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डों पर सुरक्षा व्यवस्था कई स्तरों में होती है। ऐसे में किसी यात्री का बिना आव्रजन जांच के विमान में पहुंचना गंभीर मामला माना जाता है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि चूक मानवीय गलती के कारण हुई, तकनीकी समस्या से जुड़ी थी या सुरक्षा व्यवस्था में किसी अन्य स्तर पर कमी रही।
अधिकारियों का कहना है कि जांच के निष्कर्षों के आधार पर जिम्मेदारी तय की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जा सकते हैं।
