2025 में, आर्थिक चर्चा का एक प्रमुख विषय है — संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा लागू किए गए शुल्क (tariffs) और व्यापार नीतियाँ, और उनकी वजह से उत्पन्न अनिश्चितता (uncertainty)। ये कदम केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को नहीं छूते बल्कि वैश्विक व्यापार, निवेश और विकास पर व्यापक असर डालते हैं। नीचे हम देखेंगें: अमेरिका की नई शुल्क नीतियाँ और उनका स्वरूप प्रमुख आर्थिक संस्थाओं का अनुमान और चेतावनियाँ व्यापार और आपूर्ति श्रृंखला पर असर चुनौतियाँ एवं जोखिम नीतिगत सुझाव और आगे की राह 1. अमेरिका की tariff नीतियाँ: स्थिति और बदलाव ट्रम्प सरकार ने कई नए शुल्क (tariffs) लगाए हैं — विशेष…
Author: Today Junoon
गाज़ा संघर्ष, जो अक्टूबर 2023 से जारी है, लंबे समय से मानवीय, राजनीतिक और वैश्विक संकट की स्थिति बन चुका है। विभिन्न युद्धविराम प्रयासों के बावजूद, स्थायी समाधान मिलने में असमर्थता रही है। लेकिन अब एक नया मोड़ आया है: इज़राइल और हामास ने पहली बार पहले चरण को मंज़ूर कर लिया है — शांति योजना का वह हिस्सा जिसका उद्देश्य युद्धविराम, बंधकों की रिहाई, सैनिकों की सीमित वापसी और मानवीय राहत पहुंच सुनिश्चित करना है। इस लेख में हम जानेंगे कि इस समझौते में क्या‑क्या शामिल है, कौन‑कौन एहम भूमिका निभा रहे हैं, चुनौतियाँ क्या हैं, और यह विश्व…
World Economic Forum (WEF), जिसे “Davos Forum” के नाम से भी जाना जाता है, एक प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मंच है जहाँ विश्व के नेता, उद्योगपति, नीति निर्माता और विचारकों से मिलकर वैश्विक चुनौतियों पर चर्चा होती है। लेकिन 2025 में इस संगठन को अपने अंदरूनी तंत्र (governance), नेतृत्व की भूमिका, और संगठनात्मक संस्कृति से जुड़ी गंभीर आलोचनाएँ झेलनी पड़ी हैं। Klaus Schwab के इस्तीफे से लेकर शिकायतों की जांच तक, ये घटनाएँ WEF की विश्वसनीयता और प्रभाव को प्रभावित कर रही हैं। 1. संकट के मुख्य कारण और हालिया घटनाएँ 1.1 नेतृत्व परिवर्तन और इस्तीफा WEF के संस्थापक Klaus Schwab ने…
पेरिस एयर शो (Paris Air Show), जिसे SIAE / GIFAS द्वारा आयोजित किया जाता है, विश्व के सबसे बड़े एविएशन और रक्षा उद्योग मेलों में से एक है। लेकिन जून 2025 में इस प्रदर्शनी ने शीर्ष समचारों का हिस्सा बना जब कई मानव‑अधिकार संगठन (NGOs) ने इसके आयोजकों के खिलाफ युद्ध अपराधों, मानवता के खिलाफ अपराधों और जनसंहार (genocide) के आरोप लगाते हुए मुकदमा दायर किया। यह लेख इस विवाद के मुख्य बिंदुओं, कानूनी आयामों और संभावित प्रभावों की समीक्षा करता है। मुख्य तथ्य और कौन कर रहा है मुकदमा मुकदमा किसने दायर किया है?– NGOs जैसे Al‑Haq, Survie, UJFP…
2026 में आयोजित होने वाले मिलानो‑कोर्टिना विंटर ओलिंपिक्स के लिए एक अनूठा प्रस्ताव सामने आया है — विश्व स्तर पर युद्धों के लिए साथ ही अवधि का युद्धविराम (global ceasefire)। इस प्रस्ताव को इटली ने संयुक्त राष्ट्र में पेश करने की योजना बनाई है। इस प्रस्ताव को चीन ने हाल ही में समर्थन दिया है। यह कदम सिर्फ एक कूटनीतिक नारा नहीं; बल्कि यह वैश्विक राजनीति, राजनयिक संतुलन और शांति प्रस्तावों की दिशा में एक संकेत हो सकता है। इस लेख में हम देखेंगे: प्रस्ताव की पृष्ठभूमि और इटली की भूमिका चीन का समर्थन — उसकी भाषा, सीमाएँ और महत्व…
2025 में, दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाएँ कई तरह के झटकों, अस्थिरताओं और वैश्विक चुनौतियों से गुजर रही हैं — चाहे वह कोरोना‑पश्चात की रिकवरी हो, ऊँचे कर्ज का बोझ हो, व्यापार तनाव हो, या भू-राजनीतिक संघर्ष हो। इसके बावजूद, कई अर्थशास्त्रियों और अंतर्राष्ट्रीय संस्थानों का कहना है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था ने अपेक्षाओं से बेहतर लचीलापन दिखाया है। लेकिन इस लचीलापन के बीच कई जोखिम छिपे हैं, जिन्हें अनदेखा करना खतरनाक हो सकता है। नीचे हम इन दोनों पहलुओं — लचीलापन एवं जोखिम — का संयुक्त विश्लेषण करेंगे। 1. लचीलापन: संकेत और उपादान 1.1 IMF की रिपोर्ट और आंकड़े IMF की…
संयुक्त राष्ट्र का महासचिव (Secretary‑General) पद दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित और चुनौतीपूर्ण अंतरराष्ट्रीय भूमिकाओं में से एक है। वर्तमान महासचिव, एंटोनियो गुटेरेस (António Guterres), दिसंबर 2026 में अपने दूसरे कार्यकाल को पूरा करेंगे। इससे पहले कि नया महासचिव चुना जाए, दुनियाभर में संभावित उम्मीदवारों और उनके गुणों पर चर्चा शुरू हो चुकी है। यह लेख उन प्रमुख दावेदारों, चुनाव प्रक्रिया, चुनौतियों और इस चुनाव के महत्व पर एक गहरा विश्लेषण है। 1. चयन प्रक्रिया क्या है? महासचिव को नामित करता है सुरक्षा परिषद (Security Council), जिसके पंद्रह सदस्य होते हैं जिनमें पाँच स्थायी सदस्य (US, UK, France, Russia, China) शामिल…
वर्तमान समय में दुनिया कई संघर्ष‑क्षेत्रों से जूझ रही है। इराक, अफ़ग़ानिस्तान, सोमालिया, डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ़ कांगो, लेबनॉन, दक्षिण सूडान आदि में शांति बनाए रखने की कोशिशें जारी हैं। ऐसे में संयुक्त राष्ट्र (U.N.) के peacekeeping मिशन (शांति रक्षक मिशन) अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। लेकिन अब खबर है कि यू.एन. पूरे विश्व भर के peacekeeping मिशनों में लगभग 25% की कटौती करने जा रहा है। यह लेख इस कटौती की वजहों, प्रभावों, भारत की भूमिका एवं चुनौतियों का विश्लेषण करेगा। 1. कटौती क्यों? 1.1 वित्तीय संकट (Funding Shortfall) मुख्य कारण है अमेरिका द्वारा दी जाने वाली वित्तीय सहायता में…
2023 की अक्टूबर से लेकर 2025 तक गाजा पट्टी में जारी हिंसा, संघर्ष और तबाही ने विश्व राजनीति, मानवाधिकार व मध्यस्थता के सवालों को बुरी तरह उजागर किया। कई बार की कट‑बढ़ के बाद, अंततः एक सीज़फ़ायर (संघर्ष विराम) और बंधु‑बदल (होस्टेज–कैदी अदला-बदली) डील पर इज़राइल और हामास ने सहमति दी है। इस डील का महत्व, चुनौतियाँ और असर पूरी तरह से समझना ज़रूरी है। इस लेख में हम निम्न बिंदुओं पर विस्तार करेंगे: पृष्ठभूमि और संघर्ष की वजहें मध्यस्थों की भूमिका और सौदे का प्रारूप सीज़फ़ायर डील की प्रमुख शर्तें चुनौतियाँ, विवाद और आलोचनाएँ डील का वर्तमान कार्यान्वयन और…
