2025 में, दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाएँ कई तरह के झटकों, अस्थिरताओं और वैश्विक चुनौतियों से गुजर रही हैं — चाहे वह कोरोना‑पश्चात की रिकवरी हो, ऊँचे कर्ज का बोझ हो, व्यापार तनाव हो, या भू-राजनीतिक संघर्ष हो। इसके बावजूद, कई अर्थशास्त्रियों और अंतर्राष्ट्रीय संस्थानों का कहना है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था ने अपेक्षाओं से बेहतर लचीलापन दिखाया है। लेकिन इस लचीलापन के बीच कई जोखिम छिपे हैं, जिन्हें अनदेखा करना खतरनाक हो सकता है। नीचे हम इन दोनों पहलुओं — लचीलापन एवं जोखिम — का संयुक्त विश्लेषण करेंगे। 1. लचीलापन: संकेत और उपादान 1.1 IMF की रिपोर्ट और आंकड़े IMF की…
Author: Today Junoon
संयुक्त राष्ट्र का महासचिव (Secretary‑General) पद दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित और चुनौतीपूर्ण अंतरराष्ट्रीय भूमिकाओं में से एक है। वर्तमान महासचिव, एंटोनियो गुटेरेस (António Guterres), दिसंबर 2026 में अपने दूसरे कार्यकाल को पूरा करेंगे। इससे पहले कि नया महासचिव चुना जाए, दुनियाभर में संभावित उम्मीदवारों और उनके गुणों पर चर्चा शुरू हो चुकी है। यह लेख उन प्रमुख दावेदारों, चुनाव प्रक्रिया, चुनौतियों और इस चुनाव के महत्व पर एक गहरा विश्लेषण है। 1. चयन प्रक्रिया क्या है? महासचिव को नामित करता है सुरक्षा परिषद (Security Council), जिसके पंद्रह सदस्य होते हैं जिनमें पाँच स्थायी सदस्य (US, UK, France, Russia, China) शामिल…
वर्तमान समय में दुनिया कई संघर्ष‑क्षेत्रों से जूझ रही है। इराक, अफ़ग़ानिस्तान, सोमालिया, डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ़ कांगो, लेबनॉन, दक्षिण सूडान आदि में शांति बनाए रखने की कोशिशें जारी हैं। ऐसे में संयुक्त राष्ट्र (U.N.) के peacekeeping मिशन (शांति रक्षक मिशन) अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। लेकिन अब खबर है कि यू.एन. पूरे विश्व भर के peacekeeping मिशनों में लगभग 25% की कटौती करने जा रहा है। यह लेख इस कटौती की वजहों, प्रभावों, भारत की भूमिका एवं चुनौतियों का विश्लेषण करेगा। 1. कटौती क्यों? 1.1 वित्तीय संकट (Funding Shortfall) मुख्य कारण है अमेरिका द्वारा दी जाने वाली वित्तीय सहायता में…
2023 की अक्टूबर से लेकर 2025 तक गाजा पट्टी में जारी हिंसा, संघर्ष और तबाही ने विश्व राजनीति, मानवाधिकार व मध्यस्थता के सवालों को बुरी तरह उजागर किया। कई बार की कट‑बढ़ के बाद, अंततः एक सीज़फ़ायर (संघर्ष विराम) और बंधु‑बदल (होस्टेज–कैदी अदला-बदली) डील पर इज़राइल और हामास ने सहमति दी है। इस डील का महत्व, चुनौतियाँ और असर पूरी तरह से समझना ज़रूरी है। इस लेख में हम निम्न बिंदुओं पर विस्तार करेंगे: पृष्ठभूमि और संघर्ष की वजहें मध्यस्थों की भूमिका और सौदे का प्रारूप सीज़फ़ायर डील की प्रमुख शर्तें चुनौतियाँ, विवाद और आलोचनाएँ डील का वर्तमान कार्यान्वयन और…
