बांग्लादेश में 12 फरवरी को होने वाले आम चुनाव से पहले हिंसा बढ़ गई है। उम्मीदवारों, सुरक्षाकर्मियों और चुनावी बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया जा रहा है, जिससे कई मौतें और दर्जनों घायल हुए हैं। राजनीतिक कार्यकर्ताओं के बीच खूनी संघर्ष जारी है। अंतरिम सरकार पर भीड़ हिंसा को बढ़ावा देने का आरोप है, जबकि मीडिया की स्वतंत्रता भी खतरे में है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय और भारत की क्षेत्रीय सुरक्षा पर भी चिंताएं बढ़ रही हैं।

स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, चुनाव प्रचार की शुरुआत से ही गोलीबारी, चाकूबाजी और तोड़फोड़ की घटनाओं में कई लोगों की मौत हो चुकी है और दर्जनों घायल हुए हैं। फिलहाल, पूरा देश एक डर और अनिश्चितता के माहौल में मतदान की ओर बढ़ रहा है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें वहां की लोकतांत्रिक बहाली पर टिकी हैं।
