नोएडा। नोएडा, ग्रेटर नोएडा में पांच और छह प्रतिशत आबादी भूखंड के नाम पर किसानों को सिर्फ तारीख-पर-तारीख और आश्वासन ही मिल रहे हैं। एक बार फिर प्राधिकरणों ने शीघ्र भूखंड आवंटन का वादा किया है। ऐसे वादे पूर्व में भी हुए हैं। किसानों का कहना है कि हर बार यह बात दोहराई जाती है।
नेता भी मंच से वादा करते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि नियोजन विभाग पर इसका कोई असर नहीं होता। विभागीय अधिकारी अपनी मनमर्जी से ही कार्य करते हैं। वर्षों से हजारों किसान अपने हक के प्लाट के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं पर उनकी कोई सुनने वाला नहीं है।

