बिहार में परीक्षा व्यवस्था और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। राष्ट्रीय जनता दल के नेता और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कथित प्रश्नपत्र लीक, प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं और छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ 19 अगस्त को राजभवन मार्च का ऐलान किया। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार सामने आ रही घटनाओं से विद्यार्थियों और नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है।
तेजस्वी यादव ने बिहार की परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाओं से मेहनत करने वाले विद्यार्थियों का भरोसा कमजोर होता है। उनका कहना है कि परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने सरकार से ऐसी व्यवस्था बनाने की मांग की है, जिसमें परीक्षाओं में किसी भी प्रकार की अनियमितता की गुंजाइश न रहे।
राजद की ओर से आयोजित इस मार्च में छात्रों और युवाओं के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की तैयारी है। पार्टी का कहना है कि परीक्षा संबंधी समस्याओं के साथ रोजगार, भर्ती प्रक्रिया और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े सवाल भी सरकार के सामने रखे जाएंगे। लालू प्रसाद यादव ने भी छात्रों और युवाओं से 19 अगस्त के आंदोलन में शामिल होने की अपील की है।
इस विरोध का एक प्रमुख मुद्दा सीवान में छात्रों पर कथित गोलीबारी की घटना भी है। तेजस्वी यादव ने इस घटना को लेकर कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं और सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की है। राजद का आरोप है कि छात्रों की शिकायतों का समाधान करने के बजाय उनके विरोध को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
मार्च को लेकर पटना में राजनीतिक गतिविधियां बढ़ गई हैं। कार्यक्रम के अनुसार मार्च जेपी गोलंबर से शुरू करने की जानकारी सामने आई है। दूसरी ओर, सरकार और सत्तारूढ़ दल की ओर से तेजस्वी यादव के आरोपों पर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आ रही है।
अब सभी की नजर 19 अगस्त के राजभवन मार्च पर है। यह प्रदर्शन बिहार में शिक्षा, परीक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दों को लेकर विपक्ष के आंदोलन को नई दिशा दे सकता है। साथ ही, इससे सरकार पर परीक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने का दबाव बढ़ने की संभावना है।
