नई दिल्ली में 21 और 22 अगस्त को आयोजित होने जा रहे ईटी वर्ल्ड लीडर्स फोरम 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होंगे। इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रधानमंत्री का संबोधन भारत की आर्थिक प्रगति, वैश्विक साझेदारी, नवाचार, निवेश और भविष्य की विकास रणनीति पर केंद्रित रहने की संभावना है। कार्यक्रम में भारत और दुनिया के कई देशों के नीति निर्माता, उद्योगपति, निवेशक, शिक्षाविद, प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ और कारोबारी जगत की प्रमुख हस्तियां भाग लेंगी।
ईटी वर्ल्ड लीडर्स फोरम को वैश्विक आर्थिक और रणनीतिक मुद्दों पर विचार-विमर्श का महत्वपूर्ण मंच माना जाता है। इस वर्ष के आयोजन में डिजिटल अर्थव्यवस्था, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, हरित ऊर्जा, विनिर्माण, स्टार्टअप, वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला, व्यापार, वित्तीय सुधार और सतत विकास जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा होगी। विशेषज्ञ इन मुद्दों पर अपने विचार साझा करेंगे और भविष्य की चुनौतियों तथा अवसरों पर मंथन करेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने संबोधन में भारत की तेज आर्थिक वृद्धि, विकसित भारत के लक्ष्य, निवेश-अनुकूल नीतियों, डिजिटल परिवर्तन और वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डाल सकते हैं। इसके अलावा देश में बुनियादी ढांचे के विकास, नवाचार, कौशल विकास और रोजगार सृजन से जुड़े विषयों पर भी चर्चा होने की उम्मीद है।
आयोजकों के अनुसार, यह मंच सरकार, उद्योग और वैश्विक संस्थाओं के बीच संवाद को मजबूत करने का अवसर प्रदान करेगा। विभिन्न सत्रों में देश-विदेश की अग्रणी कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, निवेशक और नीति विशेषज्ञ भाग लेकर आर्थिक सहयोग, नई तकनीकों और वैश्विक निवेश की संभावनाओं पर विचार साझा करेंगे।
इस आयोजन से भारत को वैश्विक निवेशकों के सामने अपनी आर्थिक क्षमता और विकास की संभावनाओं को प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री का संबोधन निवेशकों का विश्वास मजबूत करने, अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने और भारत को वैश्विक आर्थिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। कार्यक्रम को लेकर उद्योग जगत और निवेशकों में भी विशेष उत्साह देखा जा रहा है।
