एस्ट्रोपत्री। वैदिक ज्योतिष में मंगलदेव को ऊर्जा, साहस, संकल्प और महत्वाकांक्षा का कारक माना गया है। 16 जून 2026 को मंगलदेव अग्नि तत्व के ‘कृत्तिका नक्षत्र’ में प्रवेश करेंगे। कृत्तिका नक्षत्र के अधिष्ठाता सूर्यदेव हैं, जो नेतृत्व और शुद्धिकरण के प्रतीक हैं।
मंगलदेव का इस नक्षत्र में गोचर करना न केवल हमारे भीतर छिपी ऊर्जा को जागृत करेगा, बल्कि हमें बाधाओं को दूर कर सफलता प्राप्त करने का सामर्थ्य भी प्रदान करेगा। ऐसे में आइए एस्ट्रोलॉजर आनंद सागर पाठक से जानते हैं कि मंगल नक्षत्र गोचर का मेष से कन्या राशि पर क्या प्रभाव पड़ेगा।

