उत्तर भारत में इस बार मानसून की रफ्तार अपेक्षाकृत धीमी बनी हुई है, जिससे कई राज्यों में लोगों को गर्मी और उमस का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, मानसून की सक्रियता फिलहाल कमजोर है, लेकिन आने वाले कुछ दिनों में इसके फिर से गति पकड़ने की संभावना है। इसके चलते दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड सहित कई राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान जताया गया है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आने वाली नमी के कारण मानसून दोबारा सक्रिय हो सकता है। इसके प्रभाव से कई क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर तेज हवाएं चल सकती हैं और भारी वर्षा भी दर्ज की जा सकती है। मौसम विभाग ने लोगों को बदलते मौसम को देखते हुए सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी है।
दिल्ली-एनसीआर में मानसून की देरी के कारण तापमान सामान्य से अधिक बना हुआ है और उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। हालांकि मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो से तीन दिनों के भीतर बारिश शुरू होने से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिल सकती है। वहीं किसानों को भी मानसून के सक्रिय होने का इंतजार है, क्योंकि खरीफ फसलों की बुवाई काफी हद तक बारिश पर निर्भर करती है। समय पर अच्छी बारिश होने से कृषि कार्यों को गति मिलेगी और उत्पादन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून की चाल में उतार-चढ़ाव सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है, लेकिन लगातार मौसम की निगरानी की जा रही है। प्रशासन ने भी संभावित बारिश को देखते हुए जलभराव और अन्य आपात स्थितियों से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी हैं। यदि मौसम विभाग का अनुमान सही साबित होता है तो उत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में जल्द ही मानसून पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा और लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी।
